थ्री फेज इंडक्शन मोटर की संरचना II Construction of Three Phase Induction Motor

थ्री फेज इंडक्शन मोटर की  संरचना
Construction of Three Phase Induction Motor

Parts of three phase induction motor

इंडक्शन मोटर के सभी पार्ट्स को एक एक कर कर समझते है

Let’s discuss each and every part one by one

स्टेटर
Stator
induction motor stator with winding

नाम से समझ आ रहा  है यह मोटर का स्थिर भाग हैइसके बाहरी हिस्से को बोलते है फ्रेम

It is the static part of the motor and very outer part of it is called a "frame"

फ्रेम
Frame
Cast iron frame of three phase induction motor 
.
यह बनी होती है कास्ट आयरन कीयहाँ पर कास्ट आयरन का मतलब हैलोहे को पिघलाकर फिर उसे साचे में डाल कर इस प्रकार का आकर बनाया जाता है। इस सिलिंड्रिकल फ्रेम के ऊपर यह स्ट्रिप्स cooling के लिए होती हैं।


The frame of induction motor is generally made up of "Cast Iron". It means Molten Iron is made to cool down in a mold to form this type of shape.


स्टेटर कोर
Stator Core 
motor core with slots

फ्रेम के अंदर जो भाग लगा होता है इसे बोलते हैं स्टेटर कोरयह बनी होती है सिलिकॉन स्टील सेइसके अंदरूनी परिधि यानि इनर पेरीफेरी में स्लॉट्स बने होते हैं यानि खांचे बने होते है। ट्रांसफार्मर की ही तरहयह कोर सॉलिड दिखती हैवास्तव में यह पतली पतली शीट्स से निर्मित होती जिनकी थिकनेस ०.५ mm से भी कम होती है।इस एक परत को लेमिनेशन बोलते हैं। जबकि पूरी कोर को लेमिनेटेड कोर बोलते हैंयहां पर कोर को लेमिनेट; eddy current loss  को कम करने के लिए करा जाता हैथोड़ा सा इसको भी समझ लेते है. दोस्तों जब मोटर कार्य करती है उस दौरान कोर में चेंजिंग मैग्नेटिक फ्लक्स बनती हैऔर क्युकी यह कोर खुद भी धातु की बानी हैइस वजह से इसमें EMF उत्पन्न हो जाता है और कोर के अंदर ही अंदर करंट सर्क्युलेट होने लगता हैअंदर करंट के चक्रवात बन जाते हैंजिस से कोर में काफी ज्यादा गर्मी उत्पन्न होने लगती है और एनर्जी वेस्ट होने लगती है।यह इफ़ेक्ट बहोत ज्यादा होगा अगर कोर सिंगल पीस में बानी होगी तो. Core का इफेक्टिव रेजिस्टेंस बढ़ाने की लिए कोर को लेमिनेट करा जाता है।


This frame holds stator core made up of silicon steel to forms the magnetic circuit of the stator. The core consists of slots on the inner periphery. However this core looks solid, but it is formed by many layers. Each layer is called "lamination" having a thickness of fewer than 0.5 millimeters. The complete core is called as "laminated core". Here core is laminated to reduce "eddy current loss" let's briefly understand "eddy current loss". When motor works, during that time changing magnetic flux sets up in the core. This produces an "Electro-motive force" inside the metallic core, due to this, cyclones of electric current appears inside the core and cause energy loss in the form of heat. This effect is drastically high if we use solid core. Therefore, we use laminated core to increase effective resistance.

स्टेटर  वाइंडिंग (फील्ड वाइंडिंग)
Stator Winding (Field Winding)

 three phase motor winding r y b

थ्री फेज मोटर में थ्री फेज वाइंडिंग होगी, R , Y , और B फेज के लिएवाइंडिंग को कैसे बाँधा जाता है हम अलग से वीडियो में देख सकते हैं। इन वाइंडिंग का काम होता है रोटेटिंग मैग्नेटिक फील्ड उत्त्पन्न करना, इस लिए इन्हे फील्ड वाइंडिंग भी कहते हैं। इन वाइंडिंग के सिरों कोटर्मिनल बॉक्स में निकाल दिया जाता है. जिस से बहार से इलेक्ट्रिक सप्लाई इन वाइंडिंग को दी जा सके।

Obviously, the stator will consist of three-phase winding. One for R, one for Y and One for B. All ends of these winding are brought out through a terminal box. So that they can be energized through external supply. You can watch how to bind it, in a separate video. the work of this winding is to produce a rotating magnetic field. 



रोटर (आर्मेचर)
Rotor (Armature)
 different type of induction motor

नाम से समझ आ रहा है यह मोटर का घूमने वाला पार्ट है। थ्री फेज इंडक्शन मोटर में रोटर दौ प्रकार के हो सकते है

१) स्क्वैरल केज
२) फेज वाउन्ड

दोनों ही प्रकार के रोटर की कोर लगभग एक सी होती है और यह भी ठोस न होकर लेमिनेटेड होती है मतलब पतली परतो से बानी होती है. इन लेमिनेशन्स के बाहरी परिधि पर स्लॉट्स बने होते हैं जबकि बीच में शाफ़्ट होलअब बात करते हैं रोटर वाइंडिंग की स्क्वैरल केज रोटर में वाइंडिंग मोटे-मोटे कंडक्टर बार से बानी होती है जो की copper या aluminum के होते हैं. जिनको दोनों तरफ से दो सर्कुलर रिंग द्वारा आपस में शार्ट सर्किट कर दिया जाता है। जिस से कार्य के दौरान वाइंडिंग में उत्पन्न हुआ करंट अंदर ही सर्कुलेट होता रहता है।

फेज वाउन्ड रोटर में वाइंडिंग पतले तार के बहोत सारे टर्न्स द्वारा बानी होती है। इस प्रकार के रोटर में स्टेटर की ही तरह रोटर में भी थ्री फेज वाइंडिंग करनी होती है और तीन फेज को या तो स्टार और या तो डेल्टा में कनेक्ट करना होता है। जब डेल्टा में कनेक्ट करते हैं तो सिर्फ तीन टर्मिनल बचते है इन्हे तीन स्लिप रिंग में कनेक्ट कर दिया जाता है जो की कॉपर की बानी होती हैं।

स्लिप रिंग के निचे इंसुलेटिंग मटेरियल जसे की बैकलाइट का बेस होता है। जो इन रिंग्स को एक दूसरे से दूर बनाए रखता हैशाफ़्ट के ऊपर बैठाए रखता है। लेकिन शाफ्ट का इन रिंग से इलेक्ट्रिकल कांटेक्ट नहीं बनने देता। इन रिंग्स के ऊपर कार्बन ब्रश लगे होते हैं जो स्प्रिंग और रॉकर आर्म्स द्वारा बनाये गए दवाब से इन रिंग पर स्लाइड करते रहते हैं। यह पूरी ब्रश असेंबली स्टेटर पर फिक्स्ड होती है और मूव नहीं होतीसिर्फ रोटर ही रोटेट होता है इन स्लिप रिंग के साथ। यह ब्रशेस रोटर वाइंडिंग में फ्लो हो रहे करंट को एक्सटर्नल सर्किट तक लाते हैं। जिसे रेजिस्टेंस द्वारा कण्ट्रोल करके मोटर के स्पीड एवं टार्क को कण्ट्रोल करा जाता है। जबकि ऐसी कोई सुविधा केज रोटर में नहीं होती.

Yah per brush ke liye carbon material ka upiyog isliye kara jata
केज रोटर का कंस्ट्रक्शन देखा जाए तो बहोत आसान हैलेकिन इसमें स्पीड या टार्क को आसानी से कण्ट्रोल नहीं करा जा सकता जैसा फेज वाउन्ड रोटर के केस में करा जा सकता है। इन दोनों को डिटेल्ड कम्पेरेशन हम अलग से देख सकते हैं। 

From the name, it is clear that it is the rotating part of the motor. because it develops mechanical power, that’s why it is also called as "armature". in three-phase induction motor, the armature can be of two types.

1) Squirrel cage
2) Phase wound

The core of both types of rotor being almost similar it is meant to be made from thin laminations. Slots are made on the outer periphery of these laminations, while the shaft hole in the middle. 
Let's talk about rotor winding

In the squirrel cage rotor, the winding is made from thick conductor bar, which is of copper or aluminum. At both ends; all such conductors are short-circuited through circular rings. due to which the current generated in the winding remain circulated inside the circuit. This type of rotor consists of three-phase winding as like in the stator. the "Three phases" have to be connected, either in the star or in the delta. if we use delta connection then only three terminal will remain, which connects to three "slip ring" made up of copper. this "slip rings" consist base of insulating material like "backlight". It holds the "slip rings", maintains a gap between them and also not permit electrical contact between "slip rings" and "steel shaft". Carbon brushes are placed above these rings which slide on these rings with the pressure made by Spring and Rocker Arms. This whole brush assembly is fixed on the stator and does not move. 

The rotor only rotates with these slip rings. These brushes bring the current flowing into the rotor winding to the external circuit. By controlling the speed of the motor and the torque of the motor by controlling it. Whereas such a feature is not available in the cage rotor. here, for brushes It is quite hard, it is "self-lubricating"; It means that as much it gets rubbed it gets sleek and it has quite high "resistance" than any metal which reduces sparking.


The construction of the "cage rotor" is quite simple but speed and and torque cannot be easily controlled as compare to "phase wound rotor". You can watch a separate video on the comparison of both.

टर्मिनल बॉक्स
Terminal Box
three phase induction motor terminal box and connection guide

टर्मिनल बॉक्स में सबसे पलहे स्टेटर वाइंडिंग मतलब फील्ड वाइंडिंग के कनेक्शन मिलते है. तीनो फेज की वाइंडिंग के सिरे मतलब पुरे ६ सिरों को इन ६ टर्मिनल्स से कनेक्ट कर दिया जाता है।
Next important part is "Terminal Box".



All ends of the three "windings" are connected to these terminals. like, one end of the first winding is connected to this terminal, other end from this. one end of the second winding is connected to this terminal, other end from this, and similarly, one end of the third winding is connected to this while other end from this terminal. if the motor is of "phase wound" type, then we also get terminals of rotor here. as in this demonstration, we have considered "delta connection" for the rotor. so here we have three terminals for rotor also. 
we

कवर्स
Covers
motor covers with bearings

यह रोटर के दोनों तरफ निकले शाफ्ट को मजबूती से होल्ड करते हैं ताकि रोटर बीच में बना रहे और घूम सके। इसके लिए अगले और पिछले कवर दोनों ही में हाई ग्रेड स्टील बॉल बेअरिंग लगी होती हैं. जिसे से रोटर को घूमते वक़्त ऑलमोस्ट जीरो मैकेनिकल फ्रिक्शन मिलता है। बॉल बेअरिंग का उपयोग फ्रॅक्शनल HP से 150 HP तक की मोटर में ही करा जाता है।  इस से झ्यादा रेटिंग की मोटर में रोलर बेअरिंग का उपयोग करा जाता है। और वैरी हाई रेटिंग की मोटरजिनकी रेटिंग MW  में होती है यानि लग-भग 1350 HP से भी ज्यादा वहां पर फ्लूइड बेअरिंग का उपयोग करा जाता है। जिसमे कोई बॉल या रोलर नहीं होते शाफ्ट और गाइड रिंग के बीच में आयल या गैस की फिल्म को मेन्टेन करा जाता है पंप या कंप्रेसर द्वारा।

It firmly holds the shaft left on both sides of the rotor so that the rotor can rotate in the middle of the stator core. For this, both the front and rear cover consist of high grade “steel ball bearing” because of that the rotor gets almost “zero mechanical friction” when rotates.



Ball bearing is used only in the motor from fractional HP to 150 HP. and above this rating, roller bearing is used whereas fluid bearings are used for those motors, who have ratings in MW. In which there is no ball or roller, the film of oil or gas is maintained between the shaft and the guide ring, by the pump or compressor.


कूलिंग फैन
Cooling Fan

मोटर के पिछले भाग में जो शाफ्ट निकला होता है उसके ऊपर एक फैन लगा होता है जो की रोटर के साथ घूमता है. इस फैन की ब्लेड कुछ अलग प्रकार की होती हैं जो हवा को एक्सियल डरेक्शन से खींचते हुए रडीएलय आउटवर्ड फैकति है । और इस फैन के ऊपर भी मेटल का कवर लगा होता है जो हवा को मोड़ते हुए इन स्ट्रिप्स के बीच में से बहाता है। जिस से मोटर की गर्मी और जल्द से एनवायरनमेंट में लॉस्ट हो जाती है और मोटर का टेम्परेचर लिमिट में रहता है ताकिमोटर का इंसुलेशन या वाइंडिंग न मेल्ट हो जाए। in cooling फ्रेम पर कूलिंग स्ट्रिप लगाने से फ्रेम का सरफेस एरिया काफी बढ़ जाता है जिस से मोटर को ठंडा होने आसानी होती है। लेकिन इंडक्शन मोटर के फ्रेम ही ज्यादा गर्म होता है बाकि मोटर के मुकाबले।


The remained portion of the shaft at the back side, consist of a fan, which helps the motor to remain cool during working time and the blades are are designed in such a way that, they puls air from axial direction and throws it out in the radial direction. The "fan cover" bands the air and forces to pass between these strips. So that, the cooling process becomes more effective.

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